होली पर्व पर देवरिया से मृत्युंजय विशारद की रिपोर्ट,

देवरिया 28 मार्च
होली खेले रघुराई, अवध में होली खेले रघुराई,, बृषभान दुअरवा होली खेलने,,,,,। जोगीरा सा,,रा ,,,रा,,,,परम्परागत होली गायन अब देखने सुनने को कम ही मिल रहा है, बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि बसन्त पञ्चमी से ही गाँव गाँव होली गायन करने वाले लोग प्रायः रोज रोज कही न कही, किसी न किसी के दरवाजे पर या किसी मंदिर , धर्मस्थल पर देर रात तक ढोल , मंजीरे, झाल, करताल के साथ फगुआ, उलारा और पता नही क्या क्या गाते थे, लोग जिसमे देव स्तुति के साथ हँसी मजाक का पुट लिए गीतों की प्रस्तुति का लोग आनन्द लेते थे,,,तब ये सब ब्यावसायिक नही था, भाई चारे में अपने कार्यो से फुरसत पाने के बाद देर शाम गायन वादन शुरू होता था और जहाँ कार्यक्रम होता था वही होस्ट की भूमिका में होते और गायकों का आतिथ्य अपने हिसाब से चाय नास्ता शर्बत, भांग की ठंढई आदि से

करते,,,और पूरा गांव दर्शक व श्रोता होते,,,रसिक लोग खुश होके नगद पुरस्कार प्रदान करते उस पुरस्कार की राशि से गायन मंडल के वाद्य मन्त्र खरीदे जाते थे,,,,समय बदला,,,लोग बदले,,,सब कुछ ब्यावसायिक होने की राह चला ,,, लोगो के मन भी बदलने लगे,,,प्रेम,,,सद्भाव में भी कमी दिख रहा है,,,जिसका असर स्पस्ट दिखने लगा है,,लोग उतनी खुशी की अनुभूति भी नही कर पा रहे हैं,,, अधिकांश लोग ,,,,टेंसन में ही जी रहे हैं,,।
इस होली के पूर्व रूद्रपुर नगर पंचायत के पूर्वी तिवारी टोले में बीती रात सभासद विष्णु जायसवाल के प्रयास से स्थानीय कलाकारों द्वारा फगुआ गायन का आयोजन हुआ।
जिसमे परम्परागत होली गीतों का उपस्थित लोगों ने देर रात तक आनन्द लिया।
त्रिवेणी त्रिपाठी,कमलेश मिश्रा,रामनगीना , आदित्य,सुदामा, अरुण, भूषण,सोनू, मुन्ना, भवचल, राहुल, गोपाल, प्रमोद, संदीप,कमला, मुन्ना आदि के फगुआ गीतो को सुन कर लोग,,पुरानी यादों में खो गए।
बुजुर्गों का कहना है कि नई पीढ़ी अपनी परम्पराओ, लोक गीतों, रिवाजों से दूर होती जा रही है,, आने वाली एक दो पीढ़ी के बाद इन सब चीजों को लोग फिल्मों, किताबो व किस्सों कहानियों के माध्यम से ही जान पाएंगे।
जबकि जररूत इस बात की है कि लोक परम्पराओ, रीति रिवाजों आदि को जिलाये रख्खा जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रो में भी कही कही फगुआ गायन की खबर आ रही है।[videopack id=”5809″]https://newsamacharplus.com/wp-content/uploads/2021/03/VID-20210328-WA0160.mp4[/videopack]