डॉ शशि कांत सुमन

मुंगेर। बांका के नवटोलिया स्थित मदरसा में धमाका के बाद जदयू-भाजपा के नेता आमने सामने हो गए हैं।एक तरफ जहां भाजपा नेता मदरसों को आतंकवादी गतिविधियों का अड्डा बता कर बंद करने की बात कह रहे है वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता, बेगूसराय के पूर्व सांसद व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा मोनाजिर हसन ने यहां तक कह दिया है कि अगर मदरसों पर अंगूली उठाने वाले लोग एक भी मदरसा में साबित कर दें कि वहां आतंकवादियों को प्रशिक्षण दी जाती है और अतंक की पढ़ाई होती है तो राजनीति से संयास ले लेंगे। डा

मोनाजिर हसन ने कहा ऐसे ही उच्चस्तरीय लोगों की सोची समझी साजिश का नतीजा लगता है कि बांका में धमाका हुआ है। विस्फोट कराकर मुसलमान और मदरसों को बदनाम करना चाहते हैं। जबकि इतिहास गवाह है कि आजादी की लड़ाई में मदरसों ने हमेशा मुसीबत के समय मदद और नेतृत्व करने का कार्य किया है। मदरसा मरकज हुआ करता था। सरकार को ऐसे विवादित बयान देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इससे माहौल खराब होता है और सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा मिलता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुलझे हुए व्यक्ति हैं। उसने अपनी करेंगे कि इन लोगों पर नकेल कसने का कार्य करें।
उन्होंने कहा कि बांका मदरसा धमाका का निष्पक्ष जांच सरकार को करना चाहिए।साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग आतंवादियों का अड्डा बता कर मदरसों को बंद करने की बात कह रहे हैं। वह अपनी राजनीति रोटी सेंककर मीडिया में सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।उन्हें मालूम होना चाहिये कि मदरसों में मासूम, गरीब, यतीम बच्चे पढ़ते हैं।उन्होंने मदरसा में धमाका की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।जो सुयोजित तरीके से की गई हैं।जिससे साप्रदायिक माहौल बिगड़े।उन्होंने लोगों से भाईचारा को बनाए रखने की अपील की।