मुस्तकीम खान की रिर्पोट,

मुंबई / महाराष्ट्र में कोरोना महामारी का संक्रमण तेजी से अपने नए पीक की ओर बढ़ रहा है। यहां बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने 30 विशेषज्ञ मेडिकल टीमें अलग-अलग जिलों के लिए रवाना की हैं। कोरोना विशेषज्ञों की ये टीम राज्य में कोविड से जूझ रहे

अधिकारियों को कोरोना कंट्रोल के लिए रणनीति बनाने में मदद करेंगे। इस बीच राज्य में वैक्सीन डोज खत्म होने की कगार पर हैं। मुंबई में 72 में से 26 प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर पर टीकाकरण रोक दिया गया है। सातारा में भी आज टीका नहीं लगाया जा रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक अब महाराष्ट्र में केवल एक से दो दिन के ही डोज बचे हैं।

महाराष्ट्र में खत्म होने वाला है वैक्सीन का स्टॉक
प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) प्रदीप व्यास ने बताया कि बुधवार की सुबह तक राज्य में करीब 14 लाख वैक्सीन डोज थी। कई जिलों में आज या कल तक स्टॉक खत्म हो जाएगा। केंद्र को इस बात की जानकारी है हम दिन 4-5 लाख लोगों को वैक्सीन दे रहे हैं, ऐसे में अगर वैक्सीन नहीं मिली तो बड़ी समस्या हो सकती है। टोपे ने कहा, ‘हम सेंटर के 6 लाख डोज हर दिन लगाने के चैलेंज को स्वीकार करते हैं, लेकिन वैक्सीन होनी तो चाहिए।’स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा- महाराष्ट्र के लोगों से भेदभाव हो रहा
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को कहा- कुछ देर पहले मेरे पास वॉट्सऐप पर एक मैसेज भेजा गया है, इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार हमें सिर्फ 7.5 लाख वैक्सीन के डोज दे रही है। जबकि उत्तर प्रदेश को 48 लाख, मध्यप्रदेश को 40 लाख और अन्य राज्यों को भी लगभग इतनी ही डोज दी गई है। मेरा सवाल यह है कि महाराष्ट्र के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा कि हर महीने 1.6 करोड़ और हर सप्ताह 40 लाख वैक्सीन की डोज चाहिए। हम चाहते हैं कि दूसरे देशों को मदद करने की जगह केंद्र सरकार महाराष्ट्र की मदद के लिए आगे आए। केंद्र सरकार हमें मदद कर रही है लेकिन जैसी हमें चाहिए वैसी नहीं। गुजरात की जनसंख्या महाराष्ट्र से आधी है और वहां पर 1 करोड़ वैक्सीन की डोज दी गई है, जबकि महाराष्ट्र के लिए सिर्फ 1.04 लाख ही दी गई है। उन्होंने कहा कि हम रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए सीधे इसकी निर्माता कंपनी से बात कर रहे हैं।

मुंबई में 26 प्राइवेट सेंटर्स पर रोका गया वैक्सीनेशन
मुंबई में बृहन्‍नमुंबई म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन (BMC) ने कन्‍फर्म किया है कि मुंबई में कुल 120 वैक्सीनेशन सेंटर्स है, इसमें प्राइवेट सेंटर्स की संख्‍या 73 है, इसमें से 26 बंद हो गए हैं। बाकी 26 सेंटर आज शाम के बाद बंद होंगे। बचे हुए 21 टीके का स्टॉक खत्म होने के कारण शुक्रवार तक बंद हो जाएंगे। इनके अलावा 23 वैक्सीनेशन सेंटर नवी मुंबई में बंद हो चुके हैं।

टीके की कमी से सातारा में रोका गया वैक्सीनेशन
महाराष्ट्र के सातारा में बुधवार रात से कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी गई है। इसके पीछे बड़ा कारण कोरोना वैक्सीन की कमी को बताया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से जिले में कोरोना वैक्सीन के खत्म होने का हवाला दिया है। इस बात की जानकारी देते हुए सतारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय गौड़ा ने बताया कि सातारा में अब तक 45 साल से अधिक उम्र के 2.6 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है।

पुणे में 40 बेड देने को तैयार हुई इंडियन आर्मी
पुणे में कोरोना इस हद तक कंट्रोल से बाहर हो गया है कि जिला प्रशासन ने भारतीय सेना से मदद मांगी थी। पुणे में वैंटिलेटर्स और ऑक्सीजन बेड्स फुल हो चुके हैं। नए मरीजों को रखने के लिए बेड्स नहीं हैं। ऐसे में पुणे के आर्मी हॉस्पिटल को सामान्य नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिसे आर्मी ने मानते हुए 20 बेड्स देने की बात कही है।

पुणे में होटल किराए पर लेने की नौबत आई
पुणे में मरीजों को अस्पतालों में रखने की जगह नहीं हैं। उन्हें रखने के लिए होटलों को किराए पर लिया जा रहा है। कोरोना संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि सारे बेड्स पहले से ही फुल हो चुके हैं। पुणे में पिछले 15 दिनों में हर रोज चार हजार नए केस सामने आ रहे हैं।