मऊ / जनपद के कुल सात केन्द्रों पर शुक्रवार को 1600 लाभार्थियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था जिसके सापेक्ष 1016 लाभार्थियों को टीका लगाया गया ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश चंद्र सिंह ने बताया  कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों को को-विन एप में रजिस्टर होकर ही टीका लगवाना होगा। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। कोविड -19 की वैक्सीन लगवाना स्वैच्छिक है। लेकिन इस बीमारी से बचाव और यह बीमारी

परिवार के सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों सहित करीबी लोगों को न हो, इसके लिए यह टीका लगवाना चाहिए। यह टीका 28 दिन के अंतराल के बाद दोबारा लगेगा और दूसरे टीके के 14 दिन बाद ऐन्टीबाडी बनना शुरू होंगे

जो वायरस से सुरक्षा प्रदान करेंगें। कोविड वैक्सिीन सरकार द्वारा ही उपलब्ध कराया जा रहा है. खुले बाजार में यह उपलब्ध नहीं है इसलिए सभी अपनी बारी आने तक धैर्य से इंतजार करना है। वही सीएमओ ने बताया कि आज जिले में कुल संख्या का 63 प्रतिशत1016लोगों का टीकाकरण हुआ।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी  डॉ बीके यादव ने बताया  की विभाग द्वारा स्पष्ट किया जा रहा है कि जिन भी चयनित लाभार्थी को टीकाकरण के लिए कोविशील्ड दिया जायेगा उन्हें दूसरे डोज में कोविशील्ड वैक्सिीन ही दी जायेगी। वहीं यदि किसी चयनित लाभार्थी को कोवैक्सिीन दिया गया है तो उसे कोवैक्सिीन का ही दूसरा डोज दिया जाएगा।दूसरे चरण के टीकाकरण को लेकर सभी प्रकार की सावधानी बरतने की हिदायत दे दी गयी है।
उन्होंने आगे बताया  की जिन लोगों की दवा या किसी प्रकार के खाने की ऐलर्जी है वह यह टीका न लगवाए। गर्भवती, धात्री या ऐसी महिलायें जिन्हे गर्भवती होने की संभावना लग रही है उनको भी यह टीका नहीं लगवाया चाहिए।


टीकाकरण के बाद भी इन नियमों का पालन जरूरी:
•मास्क का इस्तेमाल
•नियमित साबुन पानी से हाथ धोना
•हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल
•6 फीट की शारीरिक दूरी रखने का पालन
•कोविड के लक्षण दिखने पर सेल्फ आइसोलेशन
•कोविड के लक्षण होने की आशंका पर जांच।
दंत रोग और धूम्रपान रोकथाम के विशेषज्ञ डॉ अश्विनी सिंह ने बताया कि आज उनका जिला महिला अस्पताल में कोविड-19 का टीकाकरण हुआ। जिसके बाद उन्हें आधे घंटे तक ऑब्जरवेशन रूम में रखा गया।

जहां पर सब कुछ सामान्य होने पर उन्हें जाने की इजाजत मिली और उसके बाद उन्होंने अपना सारा दिन कामकाज किया।
वही कोल्ड चैन मैनेजर कामाख्या मौर्य ने बताया कि उन्हें इस दिन का बेसब्री से इंतजार था उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें पहले ही चरण में ही मौका मिलेगा, लेकिन जिस विभाग और जिस वैक्सीन के रखरखाव के वे सर्वे सर्वा है। उन्हें पहले चरण में सिस्टम ने मौका नहीं दिया,

 बल्कि दूसरे चरण में उन्हे एसएमएस प्राप्त हुआ तो उन्हें खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जिला महिला अस्पताल में मैसेज की सूचना पर उनका टीकाकरण हुआ, 30 मिनट तक प्रतीक्षा कमरे में उनका ऑब्जरवेशन किया गया, तत्पश्चात वे अपना कार्य पूरी ही लग्न और शिद्दत के साथ कर रहे हैं।